दैनिक प्रार्थना

हमारे मन में सबके प्रति प्रेम, सहानुभूति, मित्रता और शांतिपूर्वक साथ रहने का भाव हो


दैनिक प्रार्थना

है आद्य्शक्ति, जगत्जन्नी, कल्याणकारिणी, विघ्न्हारिणी माँ,
सब पर कृपा करो, दया करो, कुशल-मंगल करो,
सब सुखी हों, स्वस्थ हों, सानंद हों, दीर्घायु हों,
सबके मन में संतोष हो, परोपकार की भावना हो,
आपके चरणों में सब की भक्ति बनी रहे,
सबके मन में एक दूसरे के प्रति प्रेम भाव हो,
सहानुभूति की भावना हो, आदर की भावना हो,
मिल-जुल कर शान्ति पूर्वक एक साथ रहने की भावना हो,
माँ सबके मन में निवास करो.

Thursday, 2 October, 2008

देखिये तस्वीर क्या कहती है!!!

आज ईद है।आज कल मां के नवरात्रे चल रहे हें। सब तरफ़ भक्ति और प्रेम का रस है। आज ही अहिंसा के पुजारी बापू का जन्म दिन है। आइये हम सब एक वादा करें। मानव मात्र से प्रेम करेंगे। हर मानव में ईश्वर का ही रूप देखेंगे।

प्रेम करो सबसे, नफरत न करो किसी से

4 comments:

सतीश सक्सेना said...

हम सब ऐसा ही सोंचने लगें तो कितना सुख हो जाए भाटिया जी !

COMMON MAN said...

achcha aur sahi chitra hai.

Udan Tashtari said...

ईद मुबारक!!
नवरात्रि की हार्दिक मंगलकामनाऐं.

राज भाटिय़ा said...

ईद मुबारक!! साथ मे नब रात्रो की शुभकामन्ये.
मुझे लगता हे सतीश जी गलती से मेरा नाम दे गये
धन्यवाद