दैनिक प्रार्थना

हमारे मन में सबके प्रति प्रेम, सहानुभूति, मित्रता और शांतिपूर्वक साथ रहने का भाव हो


दैनिक प्रार्थना

है आद्य्शक्ति, जगत्जन्नी, कल्याणकारिणी, विघ्न्हारिणी माँ,
सब पर कृपा करो, दया करो, कुशल-मंगल करो,
सब सुखी हों, स्वस्थ हों, सानंद हों, दीर्घायु हों,
सबके मन में संतोष हो, परोपकार की भावना हो,
आपके चरणों में सब की भक्ति बनी रहे,
सबके मन में एक दूसरे के प्रति प्रेम भाव हो,
सहानुभूति की भावना हो, आदर की भावना हो,
मिल-जुल कर शान्ति पूर्वक एक साथ रहने की भावना हो,
माँ सबके मन में निवास करो.

Sunday 5 October 2008

एक सवाल. आप ने क्या हासिल किया???

एक सवाल आप सब से. हो सकता है इन में से कोई भी सवाल आप पर लागू न होता हो. ऐसी स्थिति में आप इन सवालों को नकार दीजियेगा.

आप की कार से एक साईकिल, स्कूटर या कार टकरा गई. आप को बहुत गुस्सा आ गया. आप ने साइकिल सवार, स्कूटर/कार ड्राइवर पर हमला कर दिया, उसे धायल कर दिया या मार डाला. आप ने क्या हासिल किया?

आप के पड़ोसी ने स्कूटर पार्क किया जो आप को अच्छा नहीं लगा. आप उस से झगड़ा करने लगे. मार-पीट हुई और आपने उसे धायल कर दिया या मार दिया. आप ने क्या हासिल किया?

आप ने कुछ लोगों के भरमाने पर बाज़ार में बम रख दिया. उस विस्फोट में बहुत से बच्चे, जवान और बूढ़े मारे गए. आप ने क्या हासिल किया?

आप के छात्र ने होम वर्क नहीं किया. आप को बहुत गुस्सा आया. आपने उसे थप्पड़ मारे जिस से उस के कान का परदा फट गया. आप ने क्या हासिल किया?

आप पुलिस में हैं. आप ने एक चोर पकड़ा. थाने में ला कर आपने उसे इतना मारा कि वह मर गया. आप ने क्या हासिल किया?

बस में कुछ गुंडों ने एक लड़की के साथ बदसलूकी की. वह मदद के लिए चिल्लाती रही पर आप देखते रहे. आप ने क्या हासिल किया?

आप डाक्टर हैं. आप ने गर्भ में बच्चे के सेक्स की जांच की और पाया कि वह कन्या है. उस के माता-पिता के कहने पर आप ने गर्भ में ही उस की हत्या कर दी. आप ने क्या हासिल किया?

आप नेता हैं. आपने अपनी नाजायज मांगे मनवाने के लिए रास्ता रोक दिया. एक बीमार आदमी अस्पताल नहीं पहुँच पाया और मर गया. आप ने क्या हासिल किया?

आप जूनियर डाक्टर हैं. आप ने एक जरा सी बात पर हड़ताल कर दी. कुछ मरीज समय से इलाज न होने के कारण मर गए. आप ने क्या हासिल किया?

उन्होंने स्वामी जी को मारा. आप ने उन का चर्च जला दिया. कुछ निर्दोष लोगों को मार दिया. आप ने क्या हासिल किया?

आप ने कुछ ग़रीबों की मजबूरी का नाजायज फायदा उठा कर उन्हें उन का धर्म बदलने पर मजबूर किया. आप ने क्या हासिल किया?

एक हिंदू लड़की आप के बेटे से प्यार करती थी और उस से शादी करना चाहती थी. आप ने उसे मजबूर किया कि वह अपना धर्म बदल ले, नहीं तो शादी नहीं होगी.उस ने धर्म बदल लिया. आप ने क्या हासिल किया?

आप की मर्जी का दहेज़ न मिलने पर आप ने अपनी बहू को मार डाला. आप ने क्या हासिल किया?

आप ने अपने पति और सास-स्वसुर के ख़िलाफ़ झूटी शिकायत कर के उन्हें गिरफ्तार करवा दिया. आप ने क्या हासिल किया?

आप ने अपने जरा से फायदे के लिए अपने सहकर्मी की बॉस से झूटी शिकायत करके उस की प्रोमोशन रुकवा दी. आप ने क्या हासिल किया?

और भी बहुत से सवाल हैं. फ़िर कभी पूछेंगे.

10 comments:

manvinder bhimber said...

aapne bahut achchi baat uthaee hai..... har din kai essa sawaal hai jo ham agar apne se karin to kafi kuch sahi hi jaega

रंजन राजन said...

क्या बात है...आपने झकझोरने वाले सवाल उठाए हैं।..बढ़िया.....
ये दुनिया इस सिद्धांत पर चल रही है कि ..मैं चाहे ये करूं, मैं चाहे वो करूं, मेरी मर्जी।...
आपके सवाल दुनिया की मर्जीगीरी पर भारी पड़ेगी, ऐसी उम्मीद कम ही है।
नवरात्रि की कोटि-कोटि शुभकामनाएं। मां दुर्गा आपकी तमाम मनोकामनाएं पूरी करें।
यूं ही लिखते रहें और दूसरों को भी अपनी प्रतिक्रियाओं से प्रोत्साहित करते रहें, सदियों तक...

राज भाटिय़ा said...

सुरेश जी आप की बाते अगर हम सब माने तो भारत मे कितनी सुख शांति हो, बहुत ही सुन्दर आप के पास घर ओर संसार की ओर सही बाते ओर ग्यण की बाते मिलती है.
धन्यवाद

विचार said...
This comment has been removed by the author.
विचार said...

यह मानव स्वाभाव है जिसका कोई तर्क या कारण नहीं है...... अस्सी साल जिए, ज़िन्दगी भर सब करम किए, अच्छे बुरे सारे, फ़िर मर गए, क्या हासिल हुआ? क्या इस दुनिया में किसी भी चीज़ से क्या कुछ हासिल होता है? विचारणीय प्रश्न तो यही है.

Udan Tashtari said...

सभी विचारणीय प्रश्न हैं.

प्रदीप मानोरिया said...

सार्थक और व्यवहारिक प्रश्न जिनका जवाव जाने बिना ही हम इन दशाओं से गुजर जाते हैं सुंदर विचारों की प्रस्तुति के लिए हार्दिक धन्यबाद
नैनो की विदाई नामक मेरी नई रचना पढने हेतु आपको सादर आमंत्रण है .आपके आगमन हेतु धन्यबाद नियमित आगमन बनाए रखें

प्रदीप मानोरिया said...

सार्थक और व्यवहारिक प्रश्न जिनका जवाव जाने बिना ही हम इन दशाओं से गुजर जाते हैं सुंदर विचारों की प्रस्तुति के लिए हार्दिक धन्यबाद
नैनो की विदाई नामक मेरी नई रचना पढने हेतु आपको सादर आमंत्रण है .आपके आगमन हेतु धन्यबाद नियमित आगमन बनाए रखें

COMMON MAN said...

dukh to yahi hai ki log sawalon se door bhagte hain

Suresh Chandra Gupta said...

सवालों से बचने का एक ही तरीका है, सवालों के जवाब दिए जाएँ. सवाल तब तक पलट कर आते रहेंगे जब तक उन का जवाब न दे दिया जाए. इंसान हमेशा सवालों से बचता रहा है, और यही उस की जिंदगी में तनाव का मुख्य कारण है.