दैनिक प्रार्थना

हमारे मन में सबके प्रति प्रेम, सहानुभूति, मित्रता और शांतिपूर्वक साथ रहने का भाव हो


दैनिक प्रार्थना

है आद्य्शक्ति, जगत्जन्नी, कल्याणकारिणी, विघ्न्हारिणी माँ,
सब पर कृपा करो, दया करो, कुशल-मंगल करो,
सब सुखी हों, स्वस्थ हों, सानंद हों, दीर्घायु हों,
सबके मन में संतोष हो, परोपकार की भावना हो,
आपके चरणों में सब की भक्ति बनी रहे,
सबके मन में एक दूसरे के प्रति प्रेम भाव हो,
सहानुभूति की भावना हो, आदर की भावना हो,
मिल-जुल कर शान्ति पूर्वक एक साथ रहने की भावना हो,
माँ सबके मन में निवास करो.

Friday 31 October 2008

आसाम में जो निर्दोष मारे गए उन्हें अश्रुपूर्ण श्रधांजलि

आज सुबह अखबार में पढ़ा कि गुवाहाटी में इंसानियत के दुश्मनों ने बम धमाके किए, जिन में ६६ निर्दोष नागरिक मारे गए. मन दुखी हो गया. आइये उन की आत्मा की शान्ति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करें. 

4 comments:

seema gupta said...

" aapke prathna mey humare bhee haath juden hain..."

Regards

डॉ .अनुराग said...

दुःख ,हताशा ओर क्रोध सब है....क्या कहे !

COMMON MAN said...

aise hi chalta rahega, kisi din koi ham logon ke liye shraddhanjali de raha hoga.

राज भाटिय़ा said...

लेकिन कब तक यह सब चलेगा......
उन सब को मेरी तरफ़ से अश्रुपूर्ण श्रधांजलि
धन्यवाद