दैनिक प्रार्थना
हमारे मन में सबके प्रति प्रेम, सहानुभूति, मित्रता और शांतिपूर्वक साथ रहने का भाव हो.
Sunday 18 October 2009
दीवाली बाद की पहली सुबह
Friday 16 October 2009
आई दीवाली, आई दीवाली
Saturday 3 October 2009
आराम हलाल है
Friday 2 October 2009
कब तक कुप्रयोग करोगे बापू के नाम का?
Monday 28 September 2009
क्या इस बार भी सिर्फ रावण ही जलेगा?
Saturday 26 September 2009
चाँद खतरे में है
Wednesday 23 September 2009
कब तमीज सीखोगे तुम?
Sunday 20 September 2009
आओ मजाक करें
Friday 11 September 2009
मीठा-मीठा मैं, कड़वा-कड़वा तू

Monday 24 August 2009
ईश्वर की सच्ची पूजा
Sunday 16 August 2009
राष्ट्रपति ने चाय पिलाई
Friday 14 August 2009
पंद्रह अगस्त - क्या भूल गए क्या याद रहा
Wednesday 5 August 2009
वर्ल्ड क्लास शहर का वर्ल्ड क्लास पार्क




Sunday 19 July 2009
बलात्कार एक दलित महिला का
Friday 3 July 2009
कचरादान
कचरा ही कचरा हर तरफ़,
घर मे कचरा, घर के बाहर कचरा,
सड़क पर कचरा, पार्क मे कचरा,
मन्दिर, मस्जिद, गुरुद्वारा, चर्च,
सब जगह कचरा ही कचरा,
दिमाग मे कचरा, जुबान पर कचरा,
जो काम किया वह भी कचरा,
मानवीय सम्बन्ध हो गये कचरा,
बेटे ने माँ बाप का किया कचरा,
पत्नी ने पति का, पति ने पत्नी का,
प्रेमी के साथ मिल कर किया कचरा,
बेटी को बाप से खतरा,
बहन को भाई से खतरा,
पवित्र प्यार का कर दिया कचरा,
गुरु-शिश्य का सम्बन्ध हुआ कचरा,
सरकार कचरा, सरकारी बाबू कचरा,
वकील कचरा, जज कचरा,
पुलिस ओर अदालत कचरा।
एक कहानी पढी थी ''थूकदान',
सड़क पर चलता हर आदमी,
लेखक को दिखता था थूकदान,
आदमी बात करे आपस मे,
लेखक को दिखाई दे,
थूक रहे हे एक दूसरे मे,
कहानी वही हे, बस नाम बदला हे,
मेरी रचना का नाम है 'कचरादान'।





