दैनिक प्रार्थना

हमारे मन में सबके प्रति प्रेम, सहानुभूति, मित्रता और शांतिपूर्वक साथ रहने का भाव हो


दैनिक प्रार्थना

है आद्य्शक्ति, जगत्जन्नी, कल्याणकारिणी, विघ्न्हारिणी माँ,
सब पर कृपा करो, दया करो, कुशल-मंगल करो,
सब सुखी हों, स्वस्थ हों, सानंद हों, दीर्घायु हों,
सबके मन में संतोष हो, परोपकार की भावना हो,
आपके चरणों में सब की भक्ति बनी रहे,
सबके मन में एक दूसरे के प्रति प्रेम भाव हो,
सहानुभूति की भावना हो, आदर की भावना हो,
मिल-जुल कर शान्ति पूर्वक एक साथ रहने की भावना हो,
माँ सबके मन में निवास करो.

Sunday 16 November 2008

अडवाणी जी, ऐसी वेबसाईट का क्या फायदा?

अखबार में देखा कि आपने अपनी व्यक्तिगत वेबसाईट का उदघाटन किया है. अच्छा लगा. सोचा कि अब आपसे सीधे बात चीत कर सकेंगे. आपकी नीतियों, आपके कार्यक्रमों पर अपनों राय दे सकेंगे. आपको अपनी अपेक्षाओं के बारे में बता सकेंगे. तुंरत पहुंचे आप की वेबसाईट पर. रजिस्ट्रेशन किया. रजिस्ट्रेशन कन्फर्म हुआ. फ़िर आपकी एक पोस्ट पर अपनी राय दी. एक नई पोस्ट भी लिखी, आंतरिक सुरक्षा पर. संदेश आया कि मोडरेटर मेरी राय पर विचार करेंगे और फ़िर उसे छापेंगे. 

आज एक हफ्ता हो गया, आपके मोडरेटर साहब पता नहीं कहाँ गुम हो गए हैं? रोज आपकी साईट पर जाता हूँ और निराश लौटता हूँ. जनता की एक भी पोस्ट नहीं छापी गई है वहां. आज अखबार में देखा कि दिल्ली के मुख्य मंत्री पद के उम्मीदवार मल्होत्रा जी ने भी अपनी व्यक्तिगत साईट बना दी है. क्या उस साईट का भी यही हाल होगा?

क्यों बनाई आपने यह वेबसाईट? अडवाणी जी, ऐसी वेबसाईट से क्या फायदा? 

8 comments:

Ratan Singh Shekhawat said...

यही हाल रहा तो ऐसी वेबसाइट का क्या फायदा फ़िर तो ये साईट इन्टरनेट पर एक पोस्टर ही साबित होगी |

सुरेन्द्र Verma said...

Website only for publicity ke liye hai. Awam kee awaj Adwani ji to kya Koi bhi NETAJI sunane ko taiyar nahi.
JANATA ya AWAM jaye bhar mein

राज भाटिय़ा said...

जब आप लिखे गे कि हमारे इलाके मै इतने वोटर है अगर आप ने जबाब नही दिया तो हम आप को वोट नही देगे?? फ़िर देखॊ

Suresh Chandra Karmarkar said...

rajnetaon ke chhakar main aate hee hain aap /aur barbas chhale jaten hain/

dhiru singh {धीरू सिंह} said...

हाथी के दातं खाने के और दिखने के और
लीडर विथ डीफ्रेंसस अगर कोई है तो वह है श्री आडवानी

कुन्नू सिंह said...

साईट भी पर्चार के लीये बनाए हैं। और रतन जी एकदम सही कहें, वो साईट एक पोस्टर ही साबित होगा।
सायद उनके साईट के माडीरेटर मतलब कमेंट को डीलीट करना।

संजय बेंगाणी said...

इसे जागृति की कमी समझिये. ऐसी साइट चलाने के लिए पूरा दल चौबिस घंटों काम करता है, यह इन्हे नहीं मालूम शायद. ऐसे में इन्हे मोदीजी से सिखना चाहिए.

COMMON MAN said...

मैंने तो अभी तक इसे देखा ही नहीं, लेकिन एक सप्ताह बाद भी इस पर विचार न किया जाना यह दिखाता है कि यह बेकार की कवायद है.