दैनिक प्रार्थना

हमारे मन में सबके प्रति प्रेम, सहानुभूति, मित्रता और शांतिपूर्वक साथ रहने का भाव हो


दैनिक प्रार्थना

है आद्य्शक्ति, जगत्जन्नी, कल्याणकारिणी, विघ्न्हारिणी माँ,
सब पर कृपा करो, दया करो, कुशल-मंगल करो,
सब सुखी हों, स्वस्थ हों, सानंद हों, दीर्घायु हों,
सबके मन में संतोष हो, परोपकार की भावना हो,
आपके चरणों में सब की भक्ति बनी रहे,
सबके मन में एक दूसरे के प्रति प्रेम भाव हो,
सहानुभूति की भावना हो, आदर की भावना हो,
मिल-जुल कर शान्ति पूर्वक एक साथ रहने की भावना हो,
माँ सबके मन में निवास करो.

Sunday 9 November 2008

यूपी में कांग्रेस की सरकार

बहुत कोशिशों के बाद भी कांग्रेस यूपी में अपनी सरकार नहीं बना पा रही है. यह कांग्रेस और उसकी मालकिन के लिए बहुत हो निराशा की बात है. कुछ लोग इसे शर्म की बात भी कहते हैं. जिन्होनें ने भारत के प्रधान मंत्री और राष्ट्रपति मनोनीत किए वह यूपी के मुख्यमंत्री को मनोनीत नहीं कर सकीं. मुझे कांग्रेस से सहानुभूति है, इस लिए मैंने एक्स्ट्रा समय निकाल कर इस पर बहुत सोच-विचार किया. इस सोच-विचार का परिणाम यह निकला कि मुझे दो रास्ते नजर आए जिन पर चल कर कांग्रेस यूपी में अपनी सरकार बना सकती है. 

पहला रास्ता - कांग्रेस मायावती को प्रधान मंत्री बना दे, और बदले में मायावती मनमोहन सिंह को यूपी का मुख्य मंत्री बना दे. 

दूसरा रास्ता - कांग्रेस यूपी को दो हिस्सों में बाँट दे, एक हिस्से में रायबरेली और अमेठी, तथा दूसरे हिस्से में बाकी बचा यूपी. दूसरे हिस्से का नाम मायावती प्रदेश रख दिया जाय और मायावती को उसका आजीवन मुख्य मंत्री बना दिया जाय. पहले हिस्से का नाम यूपी रहने दिया जाय. वहां पहले से ही परिवार जीता हुआ है. कांग्रेस अपनी सरकार बना ले. 

6 comments:

COMMON MAN said...

मजा आ गया पढकर, बहुत अच्छा लिखा है सर.कांग्रेस की सरकार उ०प्र० में.

"अर्श" said...

aapki lekhani kamal ki hai bahot hi umda ........


regards

arsh

राज भाटिय़ा said...

बहुत खुब ,
धन्यवाद

रौशन said...

जब उत्तर प्रदेश का सोचना ही था तो भाजपा के बारे में सोचते कांग्रेस तो फ़िर भी दो सीटों पर है भाजपा की सोचिये

Suresh Chandra Gupta said...

रौशन जी, भाजपा के बारे में आप सोचिये न, कुछ हम सोचें और कुछ आप सोचें. आप का भी तो कुछ कर्तव्य बनता है इस देश के लिए.

रौशन said...

सुरेश जी हमारा सोचना है कि सब कुछ सलीके से रहना ज्यादा बेहतर होता है आप हमारे ब्लॉग पर आए हमें अच्छा लगा पर वहां की टिप्पणी वहां उस पोस्ट के लिए अप्रासंगिक थी. अगर हमने आपके ब्लॉग पर कोई टिप्पणी की है तो यकीन मानिये प्रति टिप्पणी देखने जरूर आयेंगे और जरूरी समझेंगे तो जवाब भी देंगे इसलिए आपको हमारे ब्लॉग पर आ कर हमें आमंत्रित करने की आवश्यकता नही है. अगर आपको वहां टिप्पणी करनी है तो वहां के कंटेंट पर करें तो ज्यादा बेहतर होगा.
खैर हमारी जिम्मेदारी याद दिलाने के लिए शुक्रिया भाजपा के बारे में हम बहुत दिन से सोच रहे हैं और कोशिश करेंगे कि आने वाले समय में आपकी सलाह पर अमल करते हुए कुछ लिखें क्या है कि कुछ चीजों के बारे में लिखने का दिल नही करता लेकिन अब जिम्मेदारी तो निभानी ही पड़ेगी .
मार्ग दर्शन के लिए आभार स्वीकार करें
और हाँ अगर सम्भव हो तो उस अप्रासंगिक टिप्पणी को वहां से हटा दें यह सिर्फ़ अनुरोध है. हम मानते हैं कि हमारे लेखन पर टिप्पणी करने या न करने का आपका अधिकार है पर कुछ अप्रासंगिक कहना तो उचित नही होगा न !
कृपया हमारी इस बात को अन्यथा न लें यह सिर्फ़ कंटेंट को लेकर हमारी चिंता है और हम अपने ब्लॉग पर टिप्पणी करने वाले हर शख्स से यह अनुरोध करते रहते हैं.