दैनिक प्रार्थना

हमारे मन में सबके प्रति प्रेम, सहानुभूति, मित्रता और शांतिपूर्वक साथ रहने का भाव हो


दैनिक प्रार्थना

है आद्य्शक्ति, जगत्जन्नी, कल्याणकारिणी, विघ्न्हारिणी माँ,
सब पर कृपा करो, दया करो, कुशल-मंगल करो,
सब सुखी हों, स्वस्थ हों, सानंद हों, दीर्घायु हों,
सबके मन में संतोष हो, परोपकार की भावना हो,
आपके चरणों में सब की भक्ति बनी रहे,
सबके मन में एक दूसरे के प्रति प्रेम भाव हो,
सहानुभूति की भावना हो, आदर की भावना हो,
मिल-जुल कर शान्ति पूर्वक एक साथ रहने की भावना हो,
माँ सबके मन में निवास करो.

Sunday 2 November 2008

धर्मयुद्ध और जिहाद

अभी-अभी एक लेख पढ़ा सन्डे टाइम्स में. लेखक हैं इश्तियाक दानिश, हमदर्द यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर हैं. लेख का विषय  है, धर्मयुद्ध और जिहाद. आप सबसे निवेदन है, इस लेख को जरूर पढ़ें और अपनी राय दें.

 
अमन-पसंद लोगों को यह लेख जरूर पसंद आएगा.


 

1 comment:

Dineshrai Dwivedi दिनेशराय द्विवेदी said...

पढ़वाने के लिए धन्यवाद!