दैनिक प्रार्थना

हमारे मन में सबके प्रति प्रेम, सहानुभूति, मित्रता और शांतिपूर्वक साथ रहने का भाव हो


दैनिक प्रार्थना

है आद्य्शक्ति, जगत्जन्नी, कल्याणकारिणी, विघ्न्हारिणी माँ,
सब पर कृपा करो, दया करो, कुशल-मंगल करो,
सब सुखी हों, स्वस्थ हों, सानंद हों, दीर्घायु हों,
सबके मन में संतोष हो, परोपकार की भावना हो,
आपके चरणों में सब की भक्ति बनी रहे,
सबके मन में एक दूसरे के प्रति प्रेम भाव हो,
सहानुभूति की भावना हो, आदर की भावना हो,
मिल-जुल कर शान्ति पूर्वक एक साथ रहने की भावना हो,
माँ सबके मन में निवास करो.

Sunday 10 August 2008

ब्लागर भाइयों और बहनों

मुझे इ-मेल में एक काफ़ी मजाकिया मेसेज मिला। मैंने सोचा उसे आप सब से बांटूं। पर वह मेसेज अंग्रेजी में है, और उस का हिन्दी में अनुवाद करने से उस का मजा ही ख़त्म हो जाता। इसलिए उसे अंग्रेजी में ही लिखना पड़ा। अन्ज्रेजी में होने की वजह से चिटठा जगत ने उसे उठाया नहीं.

अगर आप उस का मजा लेना चाहते हें तो इस पर क्लिक करिए:

होटलों में मजाकिया नोटिस