दैनिक प्रार्थना

हमारे मन में सबके प्रति प्रेम, सहानुभूति, मित्रता और शांतिपूर्वक साथ रहने का भाव हो


दैनिक प्रार्थना

है आद्य्शक्ति, जगत्जन्नी, कल्याणकारिणी, विघ्न्हारिणी माँ,
सब पर कृपा करो, दया करो, कुशल-मंगल करो,
सब सुखी हों, स्वस्थ हों, सानंद हों, दीर्घायु हों,
सबके मन में संतोष हो, परोपकार की भावना हो,
आपके चरणों में सब की भक्ति बनी रहे,
सबके मन में एक दूसरे के प्रति प्रेम भाव हो,
सहानुभूति की भावना हो, आदर की भावना हो,
मिल-जुल कर शान्ति पूर्वक एक साथ रहने की भावना हो,
माँ सबके मन में निवास करो.

Friday 1 February 2008

जनता का एक रुपया

जनता का एक रुपया,
जनता तक पहुँचते पहुँचते,
पाँच पैसे रह गया,
उन्होंने इस मैं भी राजनीति खेल डाली,
इल्जाम रख दिया दूसरों पर.

हमने पूछा आपको कैसे पता?
अरे आख़िर तक जाकर देखा हमनें,
और बीच मैं क्या देखा,
यह विरोधी पार्टी से पूछिये.

जनता बेचारी क्या करे पूछा हमने,
वह हमें वोट दे उन्होंने कहा,
तब रुपया पहुँच जाएगा जनता तक?
यह भी विरोधी पार्टी से पूछिये.
फ़िर आप क्या करेंगे?
पाँच पैसे की बात फ़िर नहीं कहेंगे.

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