दैनिक प्रार्थना

हमारे मन में सबके प्रति प्रेम, सहानुभूति, मित्रता और शांतिपूर्वक साथ रहने का भाव हो


दैनिक प्रार्थना

है आद्य्शक्ति, जगत्जन्नी, कल्याणकारिणी, विघ्न्हारिणी माँ,
सब पर कृपा करो, दया करो, कुशल-मंगल करो,
सब सुखी हों, स्वस्थ हों, सानंद हों, दीर्घायु हों,
सबके मन में संतोष हो, परोपकार की भावना हो,
आपके चरणों में सब की भक्ति बनी रहे,
सबके मन में एक दूसरे के प्रति प्रेम भाव हो,
सहानुभूति की भावना हो, आदर की भावना हो,
मिल-जुल कर शान्ति पूर्वक एक साथ रहने की भावना हो,
माँ सबके मन में निवास करो.

Thursday 7 February 2008

नकारात्मक राजनीति

उन्होंने साबित कर दिया अपने को,
नकारात्मक राजनीति का शिरमौर,
नफरत फैलाकर लोगों के बीच,
देसी परदेसी का मचाकर शोर.

'माटी के पूतों' की हित रक्षा मैं,
उन्होंने किया हिंसक आन्दोलन,
नष्ट की राष्ट्र संपत्ति,
पिटाई की बाहर वालों की,
और मार दिया,
एक माटी के पूत को.

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