दैनिक प्रार्थना

हमारे मन में सबके प्रति प्रेम, सहानुभूति, मित्रता और शांतिपूर्वक साथ रहने का भाव हो


दैनिक प्रार्थना

है आद्य्शक्ति, जगत्जन्नी, कल्याणकारिणी, विघ्न्हारिणी माँ,
सब पर कृपा करो, दया करो, कुशल-मंगल करो,
सब सुखी हों, स्वस्थ हों, सानंद हों, दीर्घायु हों,
सबके मन में संतोष हो, परोपकार की भावना हो,
आपके चरणों में सब की भक्ति बनी रहे,
सबके मन में एक दूसरे के प्रति प्रेम भाव हो,
सहानुभूति की भावना हो, आदर की भावना हो,
मिल-जुल कर शान्ति पूर्वक एक साथ रहने की भावना हो,
माँ सबके मन में निवास करो.

Friday 18 July 2008

दिल्ली में अपराध कम हो गए हैं

दिल्ली के पुलिस आयुक्त ने दिल्ली की मुख्य मंत्री को बताया कि दिल्ली में अपराध कम हो गए हैं. ऐसा उन्होंने तब कहा जब मुख्य मंत्री ने उन्हें दिल्ली में बढ़ते अपराधों पर चिंता जताने के लिए तलब किया था. यह ख़बर पढ़ कर मुझे गुस्सा भी आया और दुःख भी हुआ. गुस्सा इस बात पर कि पुलिस आयुक्त ऐसा सफ़ेद झूंट बोल रहा है, और दुःख इस बात पर कि मुख्य मंत्री ने इस सफ़ेद झूंट पर यकीन कर लिया.

अखबार में जहाँ यह ख़बर छपी है, उस से चौथे कालम में यह छपा है कि एक सरकारी स्कूल में एक १० वर्षीय छात्रा के साथ बलात्कार हुआ. उसके नीचे ख़बर छपी है कि आरुशी हत्याकांड में जांच में घोटाला करने वाले पुलिस अफसर महेश कुमार मिश्रा को पदोन्नति दी गई है. हालांकि यह ख़बर उत्तर प्रदेश पुलिस की है पर दिल्ली पुलिस भी इस मामले में कुछ कम तो नहीं है. पदोन्नति पाने के लिए दिल्ली पुलिस के आला अफसरों ने निर्दोष नागरिकों को कनाट प्लेस में दिन दहाड़े मौत के घाट उतार दिया था. मोटर साईकिल सवार लुटेरों ने कल पश्चिम दिल्ली में वारदात की. ४० साल के एक पुरूष ने नाबालिक लड़की का बलात्कार करने की कोशिश की. एक औरत ने अपने दफ्तर के मेनेजर पर बलात्कार का आरोप लगाया है. यह कुछ खबरें आज के अखबार से हैं. लगभग रोजाना ही ऐसी कितनी खबरें अखबारों में छपती हैं. ऐसी कितनी वारदाते हैं जिनके बारे कुछ नहीं छपता. पर पुलिस आयुक्त कहता है कि अपराध कम हो रहे हैं और मुख्य मंत्री यह बात मान लेती है.

मेरे एक मित्र ने कहा, "मुख्य मंत्री को तो यह बात माननी ही थी. जब प्रधान मंत्री ने उन की पीठ ठोकते हुए सफ़ेद झूट बोला था कि दिल्ली देश का सबसे खूबसूरत, हर-भरा और साफ़-सुथरा शहर है, तो भी तो मुख्य मंत्री ने सर झुका कर मान लिया था. दिल्ली वासियों को गन्दा पानी सप्लाई किया जाता है पर सरकार दिल्ली जल बोर्ड की तारीफ़ करती है. यह तो सब एक दूसरे की तारीफ़ करने का षड़यंत्र है इस देश की जनता के ख़िलाफ़." एक और मित्र बोले कि घोड़े और पुलिस के न आगे रहना चाहिए न पीछे, पता नहीं कब दुलत्ती मार दे.

मेरे घर के पास कई महीनों से दिल्ली जल बोर्ड की तरफ़ से गहरे सीवर का काम चल रहा है. देश के वायु और ध्वनि प्रदूषण कानूनों का खुलाम खुल्ला उल्लंघन हो रहा है. डीजल इंजन कान फोड़ने वाला शोर मचाते हैं और हवा में काला धुआं छोड़ते हैं. मुख्य मंत्री, जिनकी कम से कम एक फोटो रोज अखबारों में छपती है, दिल्ली वासियों को अपने कर्तव्यों की याद दिलाती रहती हैं. जनता के पैसे से छपे इन विज्ञापनों में वह इतनी व्यस्त रहती हैं कि अपने कर्तव्यों की उन्हें याद ही नहीं आती.

3 comments:

कुश एक खूबसूरत ख्याल said...

अब क्या कहा जाए इन सब पर

सचिन मिश्रा said...

bahut accha likha hai

राज भाटिय़ा said...

चुटकला बहुत पसंद आया, धन्यवाद