दैनिक प्रार्थना

हमारे मन में सबके प्रति प्रेम, सहानुभूति, मित्रता और शांतिपूर्वक साथ रहने का भाव हो


दैनिक प्रार्थना

है आद्य्शक्ति, जगत्जन्नी, कल्याणकारिणी, विघ्न्हारिणी माँ,
सब पर कृपा करो, दया करो, कुशल-मंगल करो,
सब सुखी हों, स्वस्थ हों, सानंद हों, दीर्घायु हों,
सबके मन में संतोष हो, परोपकार की भावना हो,
आपके चरणों में सब की भक्ति बनी रहे,
सबके मन में एक दूसरे के प्रति प्रेम भाव हो,
सहानुभूति की भावना हो, आदर की भावना हो,
मिल-जुल कर शान्ति पूर्वक एक साथ रहने की भावना हो,
माँ सबके मन में निवास करो.

Thursday 31 January 2008

तरक्की के सबूत

पैसे के लिए,
दोस्त ने दोस्त का किया अपहरण,
मार दिया उसको,
पैसे न मिलने पर.

प्रेमी या पति,
विकट समस्या,
उलझन मैं पड़ी भारतीय नारी,
उन्नत पातिव्रत धर्म काम आया,
प्रेमी के साथ मिल कर,
पति का गला दबाया.

चेटिंग इंटरनेट पर मज़ा दे गई,
एक लड़की से दोस्ती हो गई.
दोस्ती बदल गई प्यार मैं,
फ़िर और मजा आया,
प्यार मैं सेक्स मिलाया,
मिलने का प्रोग्राम बनाया,
होटल मैं मिलेंगें,
खूब मजे करेंगे,
सर चकरा गया,
कुछ समझ नहीं आया,
कमरे के अन्दर,
भाई ने बहन को,
बहन ने भाई को खड़ा पाया.

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