लोकसभा के चुनाव समीप आ गए हैं,
इस से याद आया उन्हें,
रहता है इस देश मैं एक 'आम आदमी'
वित्त मंत्री गए पार्टी के दफ्तर,
मिले कार्यकर्ताओं से,
आखिरी बजट कैसा हो?
'बजट हो आम आदमी' का,
सबकी यही राय थी.
उसे हर हालत मैं करना है खुश,
जिताना है आम आदमी ने हमें,
एक बार जीत जायें,
फ़िर करना अपनी मनमानी,
खूब लगाना टैक्स,
करा देना आम आदमी को याद उसकी नानी,
पर अभी तो वह ही हमारा माई वाप है.
हर व्यक्ति कवि है. अक्सर यह कवि कानों में फुसफुसाता है. कुछ सुनते हैं, कुछ नहीं सुनते. जो सुनते हैं वह शब्द दे देते हैं इस फुसफुसाहट को. एक और पुष्प खिल जाता है काव्य कुञ्ज में.
दैनिक प्रार्थना
हमारे मन में सबके प्रति प्रेम, सहानुभूति, मित्रता और शांतिपूर्वक साथ रहने का भाव हो
दैनिक प्रार्थना
है आद्य्शक्ति, जगत्जन्नी, कल्याणकारिणी, विघ्न्हारिणी माँ,
सब पर कृपा करो, दया करो, कुशल-मंगल करो,
सब सुखी हों, स्वस्थ हों, सानंद हों, दीर्घायु हों,
सबके मन में संतोष हो, परोपकार की भावना हो,
आपके चरणों में सब की भक्ति बनी रहे,
सबके मन में एक दूसरे के प्रति प्रेम भाव हो,
सहानुभूति की भावना हो, आदर की भावना हो,
मिल-जुल कर शान्ति पूर्वक एक साथ रहने की भावना हो,
माँ सबके मन में निवास करो.
सब पर कृपा करो, दया करो, कुशल-मंगल करो,
सब सुखी हों, स्वस्थ हों, सानंद हों, दीर्घायु हों,
सबके मन में संतोष हो, परोपकार की भावना हो,
आपके चरणों में सब की भक्ति बनी रहे,
सबके मन में एक दूसरे के प्रति प्रेम भाव हो,
सहानुभूति की भावना हो, आदर की भावना हो,
मिल-जुल कर शान्ति पूर्वक एक साथ रहने की भावना हो,
माँ सबके मन में निवास करो.
Showing posts with label aam aami. Show all posts
Showing posts with label aam aami. Show all posts
Thursday, 7 February 2008
Subscribe to:
Posts (Atom)