कल का दिन हमें याद दिलाता है उन शहीदों की जिन्होनें पार्लियामेन्ट और वहां मौजूद राजनीतिबाजों की रक्षा करने में अपने प्राणों की आहुति दी थी. हम भारतवासी उन शहीदों को नमन करते हैं.
पिछले वर्षों की भांति, इस वर्ष भी, इन शहीदों की स्मृति में जो कार्यक्रम पार्लियामेन्ट में आयोजित किया गया, उस में लोकसभा सदस्यों की मौजूदगी नगण्य थी. लानत है इन राजनीतिबाजों पर, एक बार फ़िर अपमान किया इन्होनें अपने शहीदों का, एक बार फ़िर दिखाई एहसानफ़रामोशी उनके लिए जिन्होनें इन्हें बचाने में अपनी जान दे दी.
एक वीडियो देखिये आतंकियों द्वारा पार्लियामेन्ट पर हमले का:
दूसरा वीडियो है इन राजनीतिबाजों द्वारा पार्लियामेन्ट पर हमले का:
मुंबई हमलों के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान को आतंकिओं की सूची दे कर कहा है कि इन्हें भारत के हवाले किया जाय ताकि उन पर देश के कानून के अनुसार मुकदमा चलाया जा सके और उनके अपराध की सजा दी जा सके. लेकिन एक आतंकी जिसे इस देश का सर्वोच्च कानून म्रत्युदंड दे चुका है, उसे यह सरकार सजा नहीं दे रही, बल्कि उस की दामाद की तरह खातिर कि जा रही है. इन और आतंकवादी दामादों को पाकिस्तान् से लाकर इस देश का पैसा क्यों बेकार करना चाहती है यह सरकार? शर्म आनी चाहिए इस सरकार को?