फ़िर सोचा कि हो सकता है पिछले कुछ घंटों में मेरी दिल्ली भी शीला जी की मेहरबानी से हरी-भरी, साफ-सुथरी और अति सुंदर हो गई हो. तुरंत मैं घर से बाहर निकला और मेन रोड पर पहुँचा. कुछ नया नजर नहीं आया. जो है वह आप भी देखिये.






लेकिन यह तो वास्तव में एक चुटकुला ही हो गया. दिल्ली की मुख्य मंत्री और भारत के प्रधान मंत्री उस दिल्ली को जानते ही नहीं जहाँ मेरे जैसे आम आदमी रहते हैं, और इन की सरकार यह कहती है की वह आम आदमी की सरकार है.