पिछले कुछ दिनों से,
महसूस कर रहा हूँ मैं,
ख़बरों मैं कुछ बदलाब आया है,
पहले जब ख़बर छपती थी,
नागरिकों पर ब्लू लाइन गुजर जाने की,
कितने मार दिए अब तक भी छपता था.
पर अब ख़बर तो छपती है,
नंबर नहीं छपते.
मैंने मीडिया से पूछा,
ऐसा क्यों है?
उन्होंने कहा, क्या करोगे जान कर?
जब छपती थी तब क्या उखाड़ लिया था,
ब्लू लाइन का?
शीला वहीं है,
उनका मंत्री वहीं है,
बस भी वहीं है,
बस का मालिक और चालक भी वहीं है,
बस नहीं है तो वह जो कुचला गया.
हर व्यक्ति कवि है. अक्सर यह कवि कानों में फुसफुसाता है. कुछ सुनते हैं, कुछ नहीं सुनते. जो सुनते हैं वह शब्द दे देते हैं इस फुसफुसाहट को. एक और पुष्प खिल जाता है काव्य कुञ्ज में.
दैनिक प्रार्थना
हमारे मन में सबके प्रति प्रेम, सहानुभूति, मित्रता और शांतिपूर्वक साथ रहने का भाव हो
दैनिक प्रार्थना
है आद्य्शक्ति, जगत्जन्नी, कल्याणकारिणी, विघ्न्हारिणी माँ,
सब पर कृपा करो, दया करो, कुशल-मंगल करो,
सब सुखी हों, स्वस्थ हों, सानंद हों, दीर्घायु हों,
सबके मन में संतोष हो, परोपकार की भावना हो,
आपके चरणों में सब की भक्ति बनी रहे,
सबके मन में एक दूसरे के प्रति प्रेम भाव हो,
सहानुभूति की भावना हो, आदर की भावना हो,
मिल-जुल कर शान्ति पूर्वक एक साथ रहने की भावना हो,
माँ सबके मन में निवास करो.
सब पर कृपा करो, दया करो, कुशल-मंगल करो,
सब सुखी हों, स्वस्थ हों, सानंद हों, दीर्घायु हों,
सबके मन में संतोष हो, परोपकार की भावना हो,
आपके चरणों में सब की भक्ति बनी रहे,
सबके मन में एक दूसरे के प्रति प्रेम भाव हो,
सहानुभूति की भावना हो, आदर की भावना हो,
मिल-जुल कर शान्ति पूर्वक एक साथ रहने की भावना हो,
माँ सबके मन में निवास करो.
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Thursday, 7 February 2008
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